जिम्बाब्वे की टीम ने एकमात्र टेस्ट मैच में बांग्लादेश को हराकर अपने टेस्ट क्रिकेट इतिहास की सबसे बड़ी जीत दर्ज करके इतिहास रच दिया है। हरारे स्पोर्ट्स क्लब में खेले गए इस मैच में जिम्बाब्वे की टीम ने बांग्लादेश को एक पारी और 85 रनों से मात दी है। आपको बता दें कि जिम्बाब्वे क्रिकेट में पिछले 25 सालों में पहली बार ऐसा हुआ है जब जिम्बाब्वे की टीम लगातार दो टेस्ट मैच जीतने में कामयाब रही है। इससे पहले उन्होंने अक्टूबर 2025 में अफगानिस्तान को एक पारी और 73 रन से हराया था।
2001 में जिम्बाब्वे ने किया था बांग्लादेश का क्लीन स्वीप
आपको बता दें कि इससे पहले साल 2001 में ऐसा हुआ था जब जिम्बाब्वे की टीम लगातार दो टेस्ट मैच जीतने में कामयाब रही थी। उस वक्त भी सामने बांग्लादेश की टीम थी। अप्रैल 2001 में खेले गए दो मैचों की टेस्ट सीरीज में जिम्बाब्वे ने 2-0 से बांग्लादेश का क्लीन स्वीप किया था। कुल मिलाकर, यह सिर्फ तीसरी बार है जब जिम्बाब्वे ने लगातार दो टेस्ट मैचों में जीत दर्ज की है। इससे पहले 1998 में भी उन्होंने लगातार दो मैचों में भारत और पाकिस्तान को हराया था।
बांग्लादेश के बल्लेबाजों ने टेके घुटने
इस मैच की बात करें तो जिम्बाब्वे ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। उनके गेंदबाजों ने इस फैसले को सही साबित किया और पहली पारी में बांग्लादेश को सिर्फ 140 रनों पर समेट दिया। इसके बाद बल्लेबाजी करते हुए जिम्बाब्वे की टीम ने अपनी पहली पारी में 410 रन का बड़ा स्कोर बनाया। जवाब में दूसरी पारी में बांग्लादेश की टीम केवल 185 रन बनाकर आउट हो गई। इस तरह जिम्बाब्वे ने यह मैच बड़े अंतर से जीतकर इतिहास रच दिया।
जिम्बाब्वे की जीत में गेंदबाजों ने निभाई अहम भूमिका
जिम्बाब्वे की इस जीत में उनके गेंदबाजों की भूमिका अहम रही। पहली पारी में न्यूमैन न्यामहुरी ने और दूसरी पारी में ब्लेसिंग मुजरबानी ने 4-4 विकेट लिए। बांग्लादेश की तरफ से दोनों पारियों को मिलाकर केवल मोमिनुल हक ही अर्धशतक लगा सके। पहली पारी में तो बांग्लादेश के 9 बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा पार नहीं कर पाए थे। दूसरी पारी में मुश्फिकुर रहीम ने टीम के लिए सबसे ज्यादा 34 रन बनाए। वहीं जिम्बाब्वे की ओर से इनोसेंट काइया ने 140 रन, वेसले मधिविरे ने 77 रन, क्रेग इर्विन ने 60 रन और ब्रायन बेनेट ने 59 रन की शानदार पारियां खेलीं। इनोसेंट काया को उनकी शानदार शतकीय पारी के लिए प्लेयर ऑफ द मैच का अवॉर्ड दिया गया।
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